इंसानियत

धर्म ग्रन्थ जो पढ़ नहीं पाया,

फतवे प्रवचन सुन  नहीं पाया,

पंडित मोमिन पादरियों की,

छाया को भी छू नहीं पाया,
मन से दी मालिक को सदा,
परहित हाथ तुरंत बढाया,
पूजा हो गई साकार,जिसने ,
राष्ट्र हित कदम बढाया,
रच देता इतिहास वही जो,
इंसानियतनभ वाले को खुश कर पाया……
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बेटे की चाह में,,,,,बेटियों को आने से से तो रोक जाओगे ,,,,,,,,,,,,,
लेकिन सभी ने एसा सोचा तो बेटे के लिए दुल्हन कहा से लाओगे,,,,,,,,,,,,,,,

रोक देते है है काफ़िर ,,,…..,बेटिया आने को मचलती है…………..

लोग समझ नहीं पाते ………….उनकी आहो से दुनिया जलती है……… .

जिसने पाला है बेटियों को…………..उनकी किस्मत भी बदलती है………….

……………………………बेटियों के दुश्मन की दुनिया नरक में जलती है …………